हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , क़ुम अल मुकद्दसा में हज़रत इमाम मुहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम की शहादत की मुनासिबत से एक पुरसोज़ मजलिस-ए-अज़ा मुनअक़िद हुई, जिसमें मरजा-ए-तक़लीद आयतुल्लाह अल-उज़मा नूरी हमदानी समेत विभिन्न तबकों से ताल्लुक रखने वाले मोमिनीन ने शिरकत की।
जानकारी के मुताबिक यह मजलिस क़ुम में आयतुल्लाह नूरी हमदानी के दफ्तर में मुनअक़िद हुई, जहाँ इमाम मुहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम की इल्मी, दीनी और अख़लाक़ी खिदमात को खिराज-ए-अकीदत पेश किया गया।
इस मौके पर ईरान के मशहूर खतीब हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन डॉक्टर रफीई ने मजलिस-ए-अज़ा से खिताब किया और ज़ाकिरीन व मर्सिया-ख़्वान हज़रात ने अहले-बैत अलैहिस्सलाम के मसाइब बयान किए और शहादत-ए-इमाम मुहम्मद बाक़िर अ.स. पर पुरसोज़ मर्सिया-ख़्वानी की।
मजलिस में बड़ी तादाद में उलेमा, तलबा और आवाम-उन-नास शामिल हुए और इमाम मुहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम की सीरत व तालीमात पर रौशनी डाली गई।
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